पटना: राजधानी पटना में घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर पूरे जिले में एलपीजी गैस के वितरण, भंडारण और बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों की टीम लगातार गैस एजेंसियों, डीलरों और विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही है ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके।
जिला प्रशासन की कार्रवाई के दौरान अब तक अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कुल चार प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें से तीन मामले बाढ़ अनुमंडल में दर्ज किए गए हैं, जहां कुछ रेस्टोरेंट और फूड कैफे में कमर्शियल गैस सिलेंडर की जगह घरेलू एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा था। वहीं दानापुर अनुमंडल में घरेलू गैस की ब्लैकमार्केटिंग के आरोप में एक प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी गैस की आपूर्ति और वितरण में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण और छापेमारी कर रहे हैं तथा उपभोक्ताओं से भी फीडबैक लिया जा रहा है। यदि कहीं जमाखोरी, कालाबाजारी या अधिक दाम पर गैस बेचने की शिकायत मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
घरेलू गैस से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए जिले के प्रखंडों में 28 धावा दल भी गठित किए गए हैं, जिनमें आपूर्ति विभाग के अधिकारी और निरीक्षक शामिल हैं। इसके साथ ही जिला स्तर पर हेल्पलाइन नंबर 0612-2219810 भी जारी किया गया है, जिस पर सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक उपभोक्ता अपनी शिकायत या जानकारी दे सकते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट