पटना में ट्रैफिक जाम और सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर सोमवार से पूरे शहर में अतिक्रमण उन्मूलन का विशेष मल्टी-एजेंसी अभियान दोबारा शुरू कर दिया गया। मार्च माह के निर्धारित कैलेंडर के अनुसार चल रहे इस अभियान की निगरानी खुद जिलाधिकारी कर रहे हैं और सभी संबंधित एसडीओ एवं एसडीपीओ को नियमित पर्यवेक्षण का निर्देश दिया गया है।
डीएम ने स्पष्ट कहा है कि जहां-जहां से अतिक्रमण हटाया गया है, वहां दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए फॉलो-अप टीमें लगातार सक्रिय रहें। आदतन अतिक्रमणकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई और दोबारा अतिक्रमण करने पर अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। अभियान में व्यवधान डालने वालों से भी सख्ती से निपटने की चेतावनी दी गई है।
इस विशेष अभियान में प्रशासन, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, अग्निशमन, विद्युत, वन प्रमंडल समेत कई विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं।
सोमवार को पटना नगर निगम के विभिन्न अंचलों में सुबह से दोपहर तक व्यापक कार्रवाई की गई। नूतन राजधानी अंचल में गांधी मैदान के चारों ओर से अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया। यहां 40 बैनर और 110 पोस्टर हटाए गए तथा दो ठेले जब्त किए गए। इस क्षेत्र से 2,000 रुपये जुर्माना वसूला गया।
पाटलिपुत्र अंचल में कोतवाली थाना से पुलिस लाइन होते हुए बांस घाट काली मंदिर से मंदिरी नाला तक कार्रवाई की गई। अवैध निर्माण तोड़कर मलबा जब्त किया गया और 6,000 रुपये जुर्माना वसूला गया। कंकड़बाग अंचल में कांटी फैक्ट्री रोड के दोनों किनारों से बालू-गिट्टी हटाई गई, जहां 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
दानापुर निजामत में रामजयपाल मोड़ से आरके पुरम तक 20 अवैध पोस्टर-बैनर हटाए गए और चार ठेले जब्त किए गए। यहां 3,000 रुपये का जुर्माना लगा। पटना सिटी अंचल में अशोक राज पथ पर जनता होटल से मालसलामी तक अतिक्रमण हटाया गया, जहां 1,300 रुपये वसूले गए। बांकीपुर अंचल में सैदपुर मैकडोवल गोलंबर के पास से ठेले और स्टॉल हटाए गए तथा 500 रुपये जुर्माना लिया गया।
खगौल और फुलवारीशरीफ में भी अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई हुई। फुलवारीशरीफ में थाना गोलंबर के पास नाले पर किए गए स्थायी अतिक्रमण को हटाया गया। पूरे दिन चले अभियान में कुल 13,300 रुपये जुर्माना वसूला गया।
इसी दौरान यातायात पुलिस ने विशेष वाहन जांच अभियान भी चलाया। वरीय पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि सभी थानाध्यक्ष अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विवरण स्टेशन डायरी में दर्ज करें और यह सुनिश्चित करें कि दोबारा कब्जा न हो।
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है, जिसमें यातायात एसपी, एडीएम नगर व्यवस्था, सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था एसपी, अपर नगर आयुक्त और सिटी मजिस्ट्रेट शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि सुव्यवस्थित यातायात प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अतिक्रमण के खिलाफ “शून्य सहिष्णुता” की नीति अपनाई जाएगी। आने वाले दिनों में भी यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट