फुलवारी शरीफ।
परसा बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम मौलाना बुद्धिचक (पोस्ट निसरपुरा) में नाली निर्माण से वंचित चार परिवारों का मामला जिलाधिकारी स्तर तक पहुंच गया है। गांव में अधिकांश घरों के लिए ड्रेनेज नाली का निर्माण कराया गया, लेकिन चार परिवारों को इससे वंचित कर दिए जाने का आरोप है। इस संबंध में ग्रामीण रामचन्द्र सिंह ने लगातार प्रशासनिक स्तर पर शिकायत दर्ज कराई।
रामचन्द्र सिंह ने बताया कि उनके अलावा दिनेश कुमार, उमेश कुमार और मुकेश सिंह के घरों से पानी की निकासी के लिए नाली नहीं बनाई गई है। जबकि पश्चिम दिशा में करीब 75–80 फीट की दूरी पर पहले से नाली मौजूद है। नाली नहीं होने से बरसात और रोजमर्रा के समय घरों का गंदा पानी सड़क व आंगन में फैल जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मामले में पहले अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, पटना सदर के समक्ष आवेदन दिया गया। वहां से संतोषजनक आदेश नहीं मिलने पर अपर समाहर्ता सह प्रथम अपीलीय प्राधिकार के समक्ष अपील की गई। इसके बाद जिलाधिकारी पटना सह द्वितीय अपीलीय प्राधिकार के समक्ष द्वितीय अपील दायर की गई।
सुनवाई के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी, फुलवारी शरीफ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए। बीडीओ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया कि अपीलार्थी के मकान से करीब 80 फीट की दूरी पर नाली है, लेकिन उक्त 80 फीट नाली निर्माण की योजना वित्तीय वर्ष 2024-25 की ग्राम सभा में न तो पारित हुई थी और न ही ग्राम पंचायत विकास योजना में शामिल थी। प्रतिवेदन में यह भी कहा गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की ग्राम सभा में इसे पारित कर ग्राम पंचायत विकास योजना में शामिल किया जाएगा।
दोनों पक्षों को सुनने और अभिलेखों के अवलोकन के बाद द्वितीय अपीलीय प्राधिकार ने बीडीओ, फुलवारी शरीफ को निर्देश दिया कि नाली निर्माण योजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 की ग्राम सभा में पारित कर ग्राम पंचायत विकास योजना में शामिल करते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। इसी निर्देश के साथ वाद की कार्रवाई समाप्त कर दी गई।
ग्रामीणों का सवाल है कि बुनियादी सुविधा जैसे नाली निर्माण के लिए आखिर उन्हें जिलाधिकारी तक क्यों जाना पड़ रहा है और इस पूरे मामले में जिम्मेदार कौन है। लोगों ने दोषियों की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में स्थानीय पंचायत के मुखिया से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।

अजीत कुमार की रिपोर्ट