फुलवारी शरीफ।
पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र में एक निर्माणाधीन अपार्टमेंट के फ्लैट की फर्जी रजिस्ट्री का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस हाई-प्रोफाइल जमीन–फ्लैट घोटाले में कुख्यात बिल्डर कान्तेश रंजन के साथ एक महिला आरोपी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस जांच में गंभीर अनियमितताओं के ठोस सबूत मिलने के बाद जल्द बड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
मामला गोपालपुर थाना क्षेत्र के एकतापुरम स्थित निर्माणाधीन अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या ए-1/601 से जुड़ा है। इस संबंध में गोपालपुर थाना कांड संख्या 134/25 दर्ज कर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पटना सदर-2 के निर्देशन में गहन जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की भूमिका लगातार स्पष्ट हो रही है और गिरफ्तारी किसी भी समय हो सकती है।
जांच में सामने आया है कि पीड़ित नागेश्वर सिंह स्वराज के नाम वर्ष 2012 में रुक्मणी बिल्डटेक लिमिटेड के साथ विधिवत डेवलपमेंट एग्रीमेंट हुआ था। वर्ष 2014 के शेयर डिस्ट्रीब्यूशन दस्तावेजों में भी फ्लैट का स्वामित्व पीड़ित के नाम दर्ज है। इसके बावजूद कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उसी फ्लैट की फर्जी रजिस्ट्री करा दी गई।
पुलिस का मानना है कि पीड़ित के लंबे समय से बिहार से बाहर रहने का फायदा उठाकर बिल्डर और जमीन माफियाओं के गठजोड़ ने इस साजिश को अंजाम दिया। रुक्मणी बिल्डटेक के निदेशक अजीत आजाद और मानब कुमार सिंह पहले से इश्तिहारी हैं, जबकि कान्तेश रंजन सहित अन्य आरोपी गंभीर मामलों में जमानत पर बाहर बताए जा रहे हैं।
फर्जी रजिस्ट्री में कथित खरीदार मंजू देवी और गवाह प्रियंका सिंह की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि दोषी चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से अपार्टमेंट के अन्य फ्लैट खरीदारों में राहत देखी जा रही है।