पटना।
सोशल मीडिया पर खुद को ‘रंगदार’ साबित करने का नशा चार युवकों को भारी पड़ गया। फेसबुक पर हथियार लहराते हुए “हमसे बड़ा कोई रंगदार बा” लिखकर दबदबा दिखाने वाले युवकों को गौरीचक थाना पुलिस ने धर दबोचा है। अपराध की दुनिया में नाम कमाने के शौक में इन युवकों ने महज दस–दस हजार रुपये में देसी पिस्तौल खरीदी और वीडियो बनाकर फेसबुक पर पोस्ट कर दी, जो उनकी गिरफ्तारी की वजह बन गई।
मामला गौरीचक थाना कांड संख्या 17/26, दिनांक 07.01.2026 के तहत धारा 25(1-b)a/26/35 आर्म्स एक्ट में दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार 06 जनवरी 2026 को फेसबुक पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक हाथ में देशी कट्टा लहराते हुए खुद को इलाके का सबसे बड़ा ‘रंगदार’ बताता नजर आया। वीडियो की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए विशेष टीम का गठन किया।
तकनीकी जांच और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान शाहिल कुमार, पिता देवीलाल यादव, निवासी वरुणा, थाना गौरीचक, जिला पटना के रूप में हुई। शाहिल की निशानदेही पर पुलिस ने काजी बिगहा गांव में छापेमारी कर शन्नी कुमार, पिता संजय प्रसाद के घर से एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया।
इसके बाद शन्नी की निशानदेही पर पुलिस ने धनरुआ थाना क्षेत्र के भोलाचक गांव में छापेमारी कर कृष्णा कुमार उर्फ क्रिश, पिता सन्दु बिंद के घर से एक देशी कट्टा और मोबाइल फोन बरामद किया। पूछताछ में कृष्णा ने खुलासा किया कि हथियार कुशवन गांव, धनरुआ थाना क्षेत्र के सचिन कुमार, पिता उनी पासवान और अभिषेक कुमार, पिता नरेश पासवान से खरीदे गए थे।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुशवन गांव में छापेमारी कर सचिन कुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया, जबकि नामजद आरोपी अभिषेक कुमार छापेमारी के दौरान फरार मिला। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में शाहिल कुमार, शन्नी कुमार, कृष्णा कुमार उर्फ क्रिश और सचिन कुमार शामिल हैं। इनके पास से पुलिस ने दो देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि सोशल मीडिया पर दबदबा बनाने और खुद को इलाके का ‘डॉन’ दिखाने के लिए उन्होंने दस–दस हजार रुपये में हथियार खरीदे थे।
गौरीचक थाना में तैनात प्रशिक्षु डीएसपी सह थानाध्यक्ष विनय कुमार रंजन ने बताया कि चारों युवक आपस में दोस्त हैं और अपराध की दुनिया में पहचान बनाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस अब हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क की भी गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
इस कार्रवाई में प्रशिक्षु डीएसपी विनय कुमार रंजन के नेतृत्व में गौरीचक थाना के पु०अ०नि० रवि कुमार, विमलेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार गिरि, बब्लू कुमार, जितेंद्र कुमार सिंह, डायल–112 की टीम और सशस्त्र बल शामिल थे।

अजीत कुमार की रिपोर्ट