
पटना।
बिहार सरकार राज्य के मछुआरों और मत्स्य पालकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अंतर्गत मत्स्य प्रभाग द्वारा मत्स्य पालकों के लिए सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना लागू की गई है।
इस योजना का उद्देश्य मत्स्य व्यवसाय से जुड़े सक्रिय मछुआरों और मत्स्य कृषकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसके तहत राज्य के सभी जिलों में मत्स्य कार्य में संलग्न पात्र मत्स्य पालकों को बीमा के दायरे में लाया जा रहा है। बीमा योजना की कुल राशि में 60 प्रतिशत योगदान केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। लाभार्थियों को किसी भी प्रकार का प्रीमियम नहीं देना होगा।
योजना का लाभ 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग के सक्रिय मछुआरों एवं मत्स्य पालकों को मिलेगा। दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण अपंगता की स्थिति में बीमित व्यक्ति के आश्रित को 5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। वहीं स्थायी आंशिक अपंगता की स्थिति में 2.50 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आकस्मिक दुर्घटना के कारण अस्पताल में इलाज की स्थिति में चिकित्सा व्यय हेतु 25 हजार रुपये तक की राशि बीमा कंपनी द्वारा दी जाएगी।
सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक मत्स्य पालक 31 दिसंबर 2025 तक fisheries.bihar.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक वेबसाइट state.bihar.gov.in/ahd/CitizeHome.html पर अथवा संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
सरकार की इस पहल से राज्य के मछुआरों और मत्स्य पालकों को न केवल आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि उनके जीवन और परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
अजीत कुमार की रिपोर्ट
