
नई दिल्ली।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा की तबीयत अचानक बिगड़ने के कारण उन्हें दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। ब्रेन स्ट्रोक के चलते उनकी हालत गंभीर बनी हुई है, और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और समर्थकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।
आरके सिन्हा का जीवन और संघर्ष
आरके सिन्हा ने अपने करियर की शुरुआत एक पत्रकार के रूप में की थी। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने अपनी लेखनी से खासी पहचान बनाई। हालांकि, इंदिरा गांधी सरकार की नीतियों के खिलाफ लिखने के कारण उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। इस कठिन समय में उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की सलाह पर सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज लिमिटेड (SIS) की स्थापना की। मात्र 230 रुपये की पूंजी से शुरू हुई यह कंपनी आज 15,000 करोड़ रुपये के मूल्य की है, और देश-विदेश में सुरक्षा सेवाएं प्रदान कर रही है।
राजनीतिक और सामाजिक योगदान
राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले आरके सिन्हा ने राज्यसभा सांसद के तौर पर कई अहम मुद्दों को उठाया। उनके विचार और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें भाजपा में एक मजबूत स्तंभ बनाया। राजनीति के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी उनकी गहरी रुचि रही है। बिहार में उनकी मजबूत पकड़ है और वहां के लोग उन्हें एक प्रेरणा स्रोत मानते हैं।
हाल के कार्यक्रम और परिवार
कुछ दिन पहले, आरके सिन्हा ने अपने बेटे ऋतुराज के साथ बिहार के आरा स्थित आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप जायसवाल और रामकृपाल यादव समेत कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
फिलहाल, उनके स्वास्थ्य को लेकर सभी चिंतित हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। उनके समर्थक और प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि वह जल्द ही इस मुश्किल घड़ी से बाहर आएंगे और सक्रिय जीवन में वापस लौटेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट
