फुलवारीशरीफ में गोलीकांड के नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से बढ़ा आक्रोश, मां-पत्नी और ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव

फुलवारीशरीफ में अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर मंगलवार को उस समय पुलिस के सामने असहज स्थिति पैदा हो गई, जब गोलीकांड में घायल जमीन कारोबारी मोहम्मद आसिफ शाह उर्फ छोटू को लेकर उसके परिजन सीधे थाने पहुंच गए। मां, पत्नी, रिश्तेदारों और स्थानीय ग्रामीणों ने फुलवारीशरीफ थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब आधे घंटे तक चले इस प्रदर्शन में लोगों ने नामजद आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई।

दरअसल, ईसापुर में जमीन की खरीद-बिक्री और रुपये के लेन-देन के विवाद में आसिफ शाह को चार गोलियां मारी गई थीं। घटना के कई दिन गुजर जाने के बावजूद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिवार का धैर्य जवाब दे गया। परिजनों का आरोप था कि संजीत यादव, मुस्तकीम उर्फ कल्लू, नौशाद, सोनू शाह समेत अन्य लोगों को नामजद किए जाने के बाद भी पुलिस अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। लोगों ने हाल में नशे के कारोबार से जुड़े आरोपितों को रुपये लेकर छोड़ने के आरोप में पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया और पुलिस व्यवस्था पर नाराजगी जताई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक नारायण उपाध्याय मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर भरोसा दिलाया कि दो से तीन दिनों के भीतर गोलीकांड के सभी नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

वहीं, घेराव खत्म होने के बाद पुलिस ने फुलवारीशरीफ शहर में फ्लैग मार्च निकाला। इसके जरिए पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करने का प्रयास किया।

ब्यूरो रिपोर्ट अजीत कुमार