
बिहटा। शिक्षा केवल नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनने की राह है। शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य को सही दिशा देने के साथ उनके व्यक्तित्व और संस्कारों का निर्माण करते हैं। यह बातें शिक्षक दिवस के अवसर पर देवकुली स्थित पाटलिपुत्र प्राइवेट आईटीआई में आयोजित गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने कहीं। प्राचार्य राधेश्याम की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में 46 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
मुख्य अतिथि जेपी सेनानी वीरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को सुशिक्षित और योग्य बनाकर राष्ट्र का मान-सम्मान बढ़ाने वाले शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन शिक्षक दिवस है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष पांच सितंबर को मनाया जाने वाला शिक्षक दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती से जुड़ा है। इस अवसर पर अमहारा निवासी प्रोफेसर रामनाथ शर्मा, जीजे कॉलेज रामबाग के हिंदी विभागाध्यक्ष, ने डॉ. राधाकृष्णन के व्यक्तित्व, कर्तव्य और उनके मगही भाषा से लगाव पर विस्तार से प्रकाश डाला।
रंजन सर ने विद्यार्थियों से अनुशासन, मेहनत, ईमानदारी और निरंतर सीखने की भावना को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करते हैं। कार्यक्रम में पूर्व शिक्षिका पूर्णिमा कुमारी एवं मुनचुन कुमारी के योगदान की भी सराहना की गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में धीरज कुमार, प्रेमजीत कुमार, अंकित कुमार, काजल शाक्य समेत अन्य छात्र-छात्राओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यार्थियों के उत्साह और सहभागिता से संस्थान परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। अंत में विद्यार्थियों ने शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
ब्यूरो रिपोर्ट निशांत कुमार
