बिहटा। किसी के हाथ में बांसुरी थी तो किसी के सिर पर मोर मुकुट, कोई राधा के रूप में सजी थी तो कोई नटखट कान्हा बनकर सबका ध्यान खींच रहा था। नन्हे बच्चों की मासूम अदाओं और मनमोहक वेशभूषा ने जन्माष्टमी के मौके पर बिहटा पब्लिक स्कूल के माहौल को पूरी तरह कृष्णमय कर दिया। प्री-नर्सरी से कक्षा एक तक के बच्चों के लिए आयोजित राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने अभिभावकों और शिक्षक-शिक्षिकाओं को खूब आकर्षित किया।


प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। राधा-कृष्ण के बाल स्वरूप में सजे बच्चों ने अपनी मासूमियत और आकर्षक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।


विद्यालय के प्राचार्य डॉ. उदय कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों के लिए ऐसे सांस्कृतिक आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि छोटी उम्र में बच्चों को मंच देने से उनके आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता का भी विकास होता है।


विद्यालय की निदेशिका डॉ. सोनी सिंह ने कहा कि जन्माष्टमी जैसे पर्व बच्चों को भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को राधा-कृष्ण के बाल स्वरूप में देखकर विद्यालय का पूरा वातावरण उत्साह और उमंग से भर गया। इस तरह के आयोजनों से बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का अवसर मिलता है।

प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार नर्सरी की जानवी और अमरनाथ सागर को, द्वितीय पुरस्कार यूकेजी की दीप्ति कुमारी और एलकेजी के आशीष को तथा तृतीय पुरस्कार एलकेजी की सौम्या कुमारी और यूकेजी के आयुष कुमार को प्रदान किया गया। मौके पर शिक्षिका करिश्मा, यशोदा, सुषमा समेत विद्यालय के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

ब्यूरो रिपोर्ट