पटना। लोकतंत्र की समझ केवल किताबों तक सीमित न रहे, इसके लिए पटना के बाल्डविन अकादमी में विद्यार्थियों ने एक दिन के लिए संसद की भूमिका को जीवंत किया। PRS-स्टूडेंट पार्लियामेंट 2026 में छात्र-छात्राओं ने सांसद बनकर सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया और सवाल-जवाब से लेकर विभिन्न मुद्दों पर तर्क-वितर्क किया। इस दौरान सोशल मीडिया के दुरुपयोग, अधूरी और भ्रामक जानकारी तथा इन्फ्लुएंसर्स की जिम्मेदारी जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहे।

आठवीं कक्षा की छात्रा प्रत्यूषी कुमारी ने सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी फैलाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सदन में प्रभावी बात रखने के लिए केवल जोरदार तरीके से बोलना पर्याप्त नहीं है। तर्क के साथ सही तथ्य प्रस्तुत करना भी जरूरी है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने सवाल पूछने, असहमति रखने और दूसरे पक्ष की बात सुनने की संसदीय प्रक्रिया को समझा।

स्कूल के प्रिंसिपल राजीव रंजन सिन्हा ने कहा कि छात्र संसद का उद्देश्य बच्चों में लोकतांत्रिक सोच और संवाद की संस्कृति विकसित करना है। बिहार विधानसभा के सदस्य देवेश कांत सिंह, विधायक मंजरिक मृणाल और विधायक सुभानंद मुकेश ने भी संसदीय प्रक्रिया की समझ को बच्चों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।

मुख्य अतिथि बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि बच्चे ही भविष्य के नीति निर्माता हैं। सदन में उठाया गया सवाल किसी एक व्यक्ति के बजाय पूरे समाज से जुड़ा हो सकता है। पक्ष और विपक्ष की भूमिका अलग होने के बावजूद अंतिम उद्देश्य राज्य और देशहित में काम करना होना चाहिए।

ब्यूरो रिपोर्ट