फुलवारी शरीफ: फुलवारी शरीफ के मखदूम रास्ती कॉलोनी में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब केवल एक पशु नियंत्रण की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और बच्चों की शिक्षा पर भी असर डालने लगी है। कॉलोनी के निवासी भय के साये में जीवन गुजारने को मजबूर हैं और कई परिवारों ने बच्चों को अकेले बाहर भेजना तक बंद कर दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह और शाम के समय कुत्तों के झुंड गलियों और सड़कों पर सक्रिय रहते हैं। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग जाने वाले छात्र-छात्राओं को देखकर कुत्ते अक्सर उनके पीछे दौड़ पड़ते हैं, जिससे बच्चों में डर का माहौल बन गया है। कई अभिभावक अब अपने बच्चों को स्वयं छोड़ने और लाने के लिए मजबूर हैं।
कॉलोनी निवासी मोहम्मद रिजवान उर्फ गुड्डू ने बताया कि हाल ही में उनका पुत्र कोचिंग के लिए निकला था, तभी कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। आसपास के लोगों की तत्परता से बच्चे को बचा लिया गया, लेकिन घटना के बाद से वह मानसिक रूप से भयभीत है। परिवार का कहना है कि बच्चा अब अकेले बाहर जाने से घबराता है।
सिर्फ इंसान ही नहीं, पालतू पशु भी इस समस्या की चपेट में आ रहे हैं। मोहम्मद मोनू आलम ने बताया कि उनकी पालतू बकरी पर कुत्तों ने हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल बकरी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पशुपालकों में भी चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुत्तों की बढ़ती संख्या के कारण बुजुर्गों और महिलाओं को सुबह-शाम टहलने में परेशानी हो रही है। कई लोग सुरक्षा के लिए हाथ में लाठी या डंडा लेकर निकलने को मजबूर हैं। लोगों का आरोप है कि इलाके में नियमित रूप से कुत्तों को खाना खिलाए जाने के कारण आसपास के क्षेत्रों के कुत्ते भी यहां जमा हो रहे हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है।
नागरिकों ने बताया कि थाना और नगर परिषद कार्यालय के नजदीक होने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कुत्तों को पकड़ने या उनके नसबंदी एवं टीकाकरण के लिए कोई विशेष अभियान नहीं चलाया गया।
कॉलोनीवासियों ने नगर परिषद और जिला प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने, उनके टीकाकरण एवं नसबंदी की व्यवस्था करने तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई गंभीर घटना हो सकती है।

अजीत कुमार की रिपोर्ट