
पटना/खगड़िया: बिहार में बुनियादी ढांचे और पर्यटन विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा निर्देश दिया है। सुल्तानगंज से अगुवानी घाट के बीच गंगा नदी पर बन रहे पुल को वर्ष 2027 तक हर हाल में पूरा करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यह पुल न सिर्फ उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ेगा, बल्कि क्षेत्रीय और अंतर्राज्यीय व्यापार के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा।
खगड़िया दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने चौथम प्रखंड स्थित मां कात्यायनी मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी निर्माण कार्य तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने खगड़िया-सहरसा पथ (एसएच-95) के उन्नयन कार्य की भी समीक्षा की और इसे 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का सख्त निर्देश दिया। इस सड़क के बन जाने से खगड़िया और सहरसा के बीच दूरी करीब 90 किलोमीटर से घटकर मात्र 55 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
इस परियोजना का एक अहम पहलू यह भी है कि बागमती, कात्यायनी, मृत कोसी और कोसी जैसी नदियों के कारण अब तक कटे हुए क्षेत्रों को सीधा सड़क संपर्क मिलेगा। इससे खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जाने वाले लोगों को लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर व्यापार व रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

सुल्तानगंज-अगुवानी घाट पुल का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने हवाई और स्थलीय दोनों स्तरों पर कार्य प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुल निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और एप्रोच पथ पर बेहतर रोशनी व वृक्षारोपण सुनिश्चित किया जाए। यह पुल देवघर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा, जिससे उनकी यात्रा आसान और समयबचत वाली होगी।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का जगह-जगह लोगों ने जोरदार स्वागत किया। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि बिहार को समृद्ध बनाने के लिए सरकार विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ा रही है और जनता की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट
