
पटना। समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से आयोजित जन गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने “पंच परिवर्तन” के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा को स्पष्ट किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों की भागीदारी देखने को मिली।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यदि समाज को मजबूत और संगठित बनाना है तो प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में बदलाव लाना होगा। उन्होंने पंच परिवर्तन के पांच प्रमुख आयाम—सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवनशैली एवं नागरिक कर्तव्यों—को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया।

उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण की इस प्रक्रिया में उनकी भूमिका सबसे अहम है। समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने पर ही समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नलिन भारती ने संघ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन लगातार समाज में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन का कार्य कर रहा है।
गोष्ठी में उपस्थित लोगों ने भी अपने विचार रखे और पंच परिवर्तन के सिद्धांतों को व्यवहार में लागू करने पर चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में सभी ने राष्ट्रहित में कार्य करने और इन मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।

इस मौके पर रत्नेश्वर मिश्र, डॉ. ललित मोहन शर्मा, प्रो. ओम प्रकाश, डॉ. स्वाति, संजीव कुमार, कौशल जी, ओम सिंह, त्रिपुरारी सिन्हा, दीपक चौरसिया, अशोक जी, चित्रांश जी और शिक्षक नेता आनंद मिश्रा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट
