
बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को पटना विश्वविद्यालय के नवनिर्मित शैक्षणिक भवन के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। जैसे ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, छात्रों के एक समूह ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ ही पलों में नारेबाजी तेज हो गई और परिसर ‘गो बैक’ और ‘मुर्दाबाद’ के नारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम में मौजूद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को भी छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा। छात्रों का आरोप था कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की सूचना न तो छात्रसंघ को दी गई और न ही कई अहम प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व छात्रसंघ अध्यक्ष शांतनु शेखर कर रहे थे। उन्होंने इसे प्रशासन की बड़ी चूक बताते हुए प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप लगाया। इसी बीच कुछ छात्र संगठन सरकार के समर्थन में भी उतर आए, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी हुई।

स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। मौके पर मौजूद एसएसपी कार्तिकेय शर्मा और डीएम त्यागराजन ने खुद मोर्चा संभाला और सुरक्षा बलों को सख्त निर्देश दिए। पुलिस ने तेजी से घेरा बनाकर उग्र छात्रों को अलग किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर हालात काबू में किए। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर माहौल शांत कराने की कोशिश भी की। कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिना कार्यक्रम रोके निर्धारित योजना के अनुसार नए शैक्षणिक भवन का उद्घाटन किया और विकास कार्यों को जारी रखने का स्पष्ट संदेश दिया।
ब्यूरो रिपोर्ट
