
पटना में विकास की रफ्तार को नया आयाम देते हुए नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के दौरान राजधानी को एक साथ 1,056 करोड़ रुपये की बड़ी सौगात दी। सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित ज्ञान भवन से रिमोट के जरिए 1,373 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। इनमें 761 योजनाओं का उद्घाटन (473 करोड़ रुपये) और 612 योजनाओं का शिलान्यास (583 करोड़ रुपये) शामिल है, जिससे पटना जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज होने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को सीधे योजनाओं का फायदा पहुंचाया। जीविका से जुड़ी 25,883 स्वयं सहायता समूहों की 2 लाख से अधिक महिलाओं के लिए 519 करोड़ रुपये से ज्यादा का बैंक ऋण सांकेतिक रूप से वितरित किया गया।

इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम के प्रमाण पत्र और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं के चेक भी लाभुकों को दिए गए। जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सराहना की, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की मेहनत ही बिहार के विकास की असली ताकत है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने एम्स गोलंबर-जानीपुर-पैनापुर-नेवा सड़क परियोजना का स्थल निरीक्षण किया। करीब 10.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण से फुलवारीशरीफ, दानापुर, नौबतपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। यह सड़क एनएच-139 से जुड़कर बिहटा-सरमेरा मार्ग से कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, जिससे लगभग चार लाख आबादी को सीधा लाभ होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना को तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि एम्स तक पहुंच और आसान हो सके।

फुलवारीशरीफ में बन रहे डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय +2 विद्यालय का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। 720 छात्रों की क्षमता वाले इस आधुनिक स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल, शैक्षणिक भवन, पुस्तकालय और शिक्षक आवास जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यह संस्थान विशेष रूप से अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
जन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पिछले दो दशकों की उपलब्धियों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद बिहार में कानून व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे में व्यापक बदलाव आया है। पहले जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महीने में केवल 39 मरीज आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर औसतन 11,600 हो गई है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़कर 12 हो चुकी है और आगे इसे और बढ़ाया जा रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 5 लाख से अधिक सरकारी शिक्षक बहाल किए जा चुके हैं और 45 हजार नए पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने वाली है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाते हुए अब तक 10 लाख सरकारी नौकरियां और 40 लाख रोजगार दिए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने ‘सात निश्चय’ और ‘सात निश्चय-2’ के तहत हुए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि हर घर बिजली, नल का जल, शौचालय, सड़क और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में ऐतिहासिक काम हुआ है। अब ‘सात निश्चय-3’ के तहत अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ रोजगार सृजन, महिलाओं को आर्थिक सहायता, उद्योगों की स्थापना, कृषि विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर फोकस किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में 94 लाख गरीब परिवारों की पहचान कर उन्हें रोजगार के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है, जिसमें से अधिकांश परिवारों को लाभ मिल चुका है। साथ ही महिलाओं को पंचायत, नगर निकाय और सरकारी नौकरियों में बड़े पैमाने पर आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाया गया है।

पटना के विकास पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में सड़क, फ्लाईओवर, गंगा पथ, मेट्रो और एयरपोर्ट विस्तार जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर तेजी से काम हो रहा है। आने वाले समय में पटना में स्पोर्ट्स सिटी, औद्योगिक क्षेत्र और नए शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग और राज्य सरकार की योजनाओं के दम पर बिहार आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी और विकसित राज्यों में शामिल होगा।
ब्यूरो रिपोर्ट
