पटना। राजधानी स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना के इन्क्यूबेशन सेंटर ने अपने 10 वर्ष पूरे होने पर गुरुवार को सीनेट हॉल में विशेष आयोजन किया। कार्यक्रम में तकनीक आधारित उद्यमिता और स्टार्टअप्स को लेकर संस्थान की भूमिका को प्रमुखता से रखा गया।
मुख्य अतिथि बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बदलते दौर में सूचना प्रौद्योगिकी विकास की दिशा तय कर रही है। उन्होंने इन्क्यूबेशन सेंटर की उपलब्धियों को सराहते हुए स्मारक पट्टिका का अनावरण और प्रकाशन सामग्री का लोकार्पण किया।

संस्थान के निदेशक प्रो. टी.एन. सिंह ने कहा कि आईआईटी पटना नए आइडिया को उद्योग से जोड़ने पर लगातार काम कर रहा है। वहीं डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि केंद्र ने कई स्टार्टअप्स को शुरुआती स्तर से आगे बढ़ाने में मदद की है।
इस दौरान JHPIEGO और बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल के प्रतिनिधियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को लेकर आईआईटी पटना, एम्स पटना और अन्य संस्थाओं के बीच समझौते भी हुए।
आयोजन के अंत में प्रतिभागियों ने स्टार्टअप्स के कामकाज को करीब से जाना और नवाचार से जुड़े मॉडल्स का अवलोकन किया।

ब्यूरो रिपोर्ट निशांत कुमार