
धमदाहा/पूर्णिया।
धमदाहा में इस बार बस, ऑटो और टोटो पड़ाव की बोली ने सबको चौंका दिया। जहां एक ओर ठेके की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई, वहीं दूसरी ओर बोली की रकम उम्मीद से काफी कम रही, जिससे नगर पंचायत के राजस्व पर सवाल खड़े हो गए।
मंगलवार को धमदाहा नगर पंचायत कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए बस, ऑटो और ई-रिक्शा (टोटो) पड़ाव की अस्थायी बंदोबस्ती आम डाक प्रक्रिया के जरिए कराई गई। इस प्रक्रिया में कुल 8 लोगों ने हिस्सा लिया, लेकिन एक आवेदन त्रुटिपूर्ण पाए जाने के कारण रद्द कर दिया गया। इसके बाद 7 प्रतिभागियों के बीच अंतिम बोली हुई।
बोली प्रक्रिया में सबसे ज्यादा चर्चा सूरज कुमार सिंह की रही, जिन्होंने बस पड़ाव के लिए ₹3.59 लाख की सबसे ऊंची बोली लगाकर ठेका अपने नाम कर लिया। उनकी बोली अन्य सभी प्रतिभागियों से काफी आगे रही।
वहीं ऑटो पड़ाव ₹2.59 लाख में दिवाकर कुमार को मिला, जबकि टोटो (ई-रिक्शा) पड़ाव ₹1.59 लाख में बिट्टू के नाम गया।
हालांकि इस बार की बोली ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कुल बोली लगभग सात गुना कम रही। जहां पहले नगर पंचायत को अच्छी-खासी आमदनी होती थी, वहीं इस बार राजस्व अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिल सका।
दिनभर नगर में इस बात की चर्चा होती रही कि आखिर बोली इतनी कम क्यों रही। कुछ लोग इसे कम प्रतिस्पर्धा का परिणाम मान रहे हैं, तो कुछ इसे आर्थिक सुस्ती और बदलती स्थानीय परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि नगर पंचायत इस कम राजस्व की भरपाई के लिए आगे क्या कदम उठाती है।
अजीत कुमार की रिपोर्ट
