
फुलवारी शरीफ:
पटना के मीठापुर बायपास फ्लाईओवर के पास रविवार को इंसानियत और साहस की एक मिसाल देखने को मिली, जब ड्यूटी पर तैनात एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने तत्परता दिखाते हुए सीपीआर देकर एक युवक की जान बचा ली। इस घटना ने मौके पर मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और पुलिस की भूमिका को लेकर नई सोच पैदा की।
जानकारी के अनुसार, सीआईएसएफ के जवान कुंदन कुमार अचानक चक्कर खाकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के समय पास में ही ट्रैफिक कांस्टेबल अंजनी कुमार ड्यूटी पर मौजूद थे। जैसे ही उनकी नजर गिरे हुए युवक पर पड़ी, उन्होंने बिना समय गंवाए स्थिति को समझा और तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुंदन कुमार की सांसें धीमी पड़ चुकी थीं और हालात बेहद गंभीर थे। ऐसे में कांस्टेबल अंजनी कुमार ने सूझबूझ और प्रशिक्षण का परिचय देते हुए तुरंत सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई का असर कुछ ही मिनटों में दिखने लगा और युवक की सांसें सामान्य होने लगीं।
घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने पुलिसकर्मी की बहादुरी और मानवता की सराहना की। अगर समय रहते यह कदम नहीं उठाया जाता, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। बाद में कुंदन कुमार को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है।
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि पुलिसकर्मी सिर्फ कानून व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर वे जीवन रक्षक की भूमिका भी निभाते हैं। अंजनी कुमार की यह बहादुरी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देती है।
अजीत कुमार की रिपोर्ट
