आरा/भोजपुर।
भोजपुर के आरा में चर्चित तनिष्क ज्वेलर्स लूटकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। इस सनसनीखेज वारदात के सातवें और आखिरी अपराधी सूरज तिवारी को आखिरकार पुलिस ने धर दबोचा। आरा के शीशमहल चौक स्थित शोरूम में 10 मार्च को दिनदहाड़े करीब 10.5 करोड़ रुपये के सोने के जेवरात की लूट से पूरे बिहार में हड़कंप मच गया था।
एसडीपीओ वन राजकुमार शाह ने प्रेसवार्ता में बताया कि बिहार एसटीएफ और नगर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सूरज तिवारी को रांची से गिरफ्तार किया गया। वारदात के दौरान हेलमेट पहने सूरज ने करीब आधा किलो सोना बैग में भरकर फरार हो गया था और पिछले एक साल से पुलिस को चकमा दे रहा था।
इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड में पहले ही बड़ा एक्शन हो चुका है। घटना के बाद बबुरा के पास पुलिस से मुठभेड़ में दो अपराधी विशाल गुप्ता और कुणाल गोली लगने से घायल हुए थे, जबकि दो कुख्यात अपराधी चुनमुन झा और प्रिंस ढेर कर दिए गए थे। मौके से हथियार, कारतूस और लूटे गए जेवरात से भरे बैग भी बरामद हुए थे।
इसके अलावा 14 फरवरी 2026 को लुटेरों को शरण देने के आरोप में बड़हरा थाना क्षेत्र के एकौना गांव से एक व्यक्ति की गिरफ्तारी भी हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, सूरज तिवारी और उसका साथी नीतीश पांडे लूटे गए करीब आधा-आधा किलो सोने के जेवरात अपने पास छिपाकर रखे हुए थे। अब सूरज की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे लूटकांड के पीछे के नेटवर्क और साजिश का बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।
एक साल तक पुलिस को छकाने वाला मास्टरमाइंड अब सलाखों के पीछे है — क्या इस लूट के पीछे और भी बड़े नाम सामने आएंगे?

अनील त्रिपाठी की रिपोर्ट