
पटना। गौरीचक थाना क्षेत्र के मसाढी गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब 48 वर्षीय बबलू कुमार का शव उनके घर में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। परिजन और ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना पर गौरीचक थाना की पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एनएमसीएच पटना भेज दिया।
गौरीचक थाना के परीक्षमान उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष विनय कुमार रंजन ने बताया कि फांसी की सूचना मिलते ही एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य संकलन कराया गया। मौके की बारीकी से जांच कर मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में मामला फांसी लगने का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।
थाना के अपर थानाध्यक्ष रवि कुमार ने बताया कि मृतक बबलू कुमार पिछले करीब 15 वर्षों से डिप्रेशन की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि मृतक पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुका था, जो उस समय असफल रहा था, लेकिन इस बार उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मृतक के पिता उपेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि उनके पुत्र का लंबे समय से डॉक्टरों के यहां इलाज चल रहा था और वह नियमित रूप से दवाइयां ले रहा था। बबलू कुमार अविवाहित था और उसका एक भाई बाहर रहकर नौकरी करता है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों व स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान किसी भी तरह की आपराधिक संलिप्तता या तीसरे पक्ष की भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अजीत कुमार की रिपोर्ट
