पटना।
संपतचक नगर परिषद के वार्ड संख्या-14 स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, भोगीपुर के छात्र-छात्राओं को जल्द ही सुरक्षित स्कूल भवन मिलने की उम्मीद जगी है। वर्षों से भवन के अभाव में पढ़ाई कर रहे बच्चों की समस्या विधानसभा तक पहुंची, जिसके बाद सरकार ने नए भवन निर्माण का आश्वासन दिया है।
विद्यालय में पढ़ने वाले सभी बच्चे गरीब, उपेक्षित, दलित और महादलित समाज से आते हैं। जर्जर कमरों और कर्कट शेड में बैठकर पढ़ने को मजबूर इन बच्चों की स्थिति को लेकर विधायक अरुण मांझी ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से मामला उठाया।
सदन में जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्वीकार किया कि विद्यालय की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि विद्यालय के पास 17 डिसमिल भूमि है, लेकिन भवन के नाम पर केवल एक कमरा बना है, जो भी जर्जर अवस्था में है। वर्तमान में पढ़ाई कर्कट शेड के दो कमरों, बरामदे और एक छतदार कमरे में कराई जा रही है, जिससे बच्चों को असुविधा के साथ-साथ सुरक्षा का भी खतरा बना रहता है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि जर्जर भवन को तोड़कर नए भवन निर्माण के लिए जिला कार्यालय की ओर से 2 फरवरी 2026 को बीएसईआईडीसी, पटना को पत्र भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही भवन निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा और इसे आठ माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकारी जवाब के बाद विद्यालय के बच्चों और अभिभावकों में खुशी देखी गई। बच्चों ने कहा कि अब उन्हें भी सुरक्षित छत के नीचे पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। “मिशन नौनिहाल सम्मान” से जुड़े बच्चों ने विधायक अरुण मांझी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी आवाज सदन तक पहुंचने से ही यह उम्मीद बनी है।

अजीत कुमार की रिपोर्ट