पटना।

संपतचक नगर परिषद क्षेत्र के चकबैरिया गांव में आयोजित सात दिवसीय सूर्य मंदिर प्राण प्रतिष्ठा सह लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के पांचवें दिन गांव श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। शुक्रवार को भगवान सूर्य नारायण की भव्य नगर यात्रा निकाली गई, जिसमें गांव समेत आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
नगर यात्रा के दौरान भगवान भास्कर की जय, जय श्रीराम, हर हर महादेव के जयकारों के साथ हरे राम हरे कृष्ण, राधे कृष्ण जैसे भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा। शोभायात्रा गांव की गलियों और मुख्य मार्गों से गुजरते हुए आगे बढ़ी, जहां श्रद्धालुओं ने फूल, दीप और अगरबत्ती अर्पित कर भगवान सूर्य नारायण के दर्शन किए। कई स्थानों पर ग्रामीणों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए जल व प्रसाद की व्यवस्था की गई।

चकबैरिया गांव निवासी तारकेश्वर सिंह द्वारा लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में भव्य सूर्य मंदिर का निर्माण कराया गया है, जिस पर करीब दो से ढाई करोड़ रुपये की लागत आई है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर के निर्माण से क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और सामाजिक एकता को मजबूती मिलेगी। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 8 फरवरी को तथा सात दिवसीय महायज्ञ का समापन 9 फरवरी को विधि-विधान के साथ किया जाएगा।
महायज्ञ के मुख्य आचार्य स्वामी जीयर स्वामी का आगमन गुरुवार की संध्या गांव में हुआ था। उनके स्वागत में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण किया। उनके आगमन के साथ ही गांव का धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण और अधिक सशक्त हो गया।
पांचवें दिन सुबह वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान की आरती एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। शाम करीब छह बजे स्वामी जीयर स्वामी का प्रवचन प्रारंभ हुआ।
प्रवचन के दौरान स्वामी जीयर स्वामी ने कहा कि मानव जीवन क्षणभंगुर है और इसे अहंकार, लालच व अनावश्यक विवादों में व्यर्थ नहीं करना चाहिए। उन्होंने धर्म, सदाचार और अच्छे कर्मों को ही जीवन की सच्ची सफलता का मार्ग बताया। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य बोलना, सेवा करना, संयम और समाज में प्रेम व भाईचारे को बढ़ाना भी धर्म का अभिन्न हिस्सा है। प्रवचन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और उनके विचारों को ध्यानपूर्वक सुना।

अजीत कुमार की रिपोर्ट