
फुलवारी शरीफ।
इमारत-ए-शरिया बिहार, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़े केंद्रीय एवं अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायाधीशों की एक महत्वपूर्ण बैठक अल-महद-उल-अली सम्मेलन हॉल में आयोजित की गई। बैठक में न्याय व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, त्वरित व निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने तथा आपसी समन्वय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता अमीर-ए-शरियत सैयद अहमद वली फैसल रहमानी ने की। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था समाज में शांति और विश्वास की बुनियाद होती है। न्यायाधीशों को ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए, ताकि आम लोगों का भरोसा बना रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इमारत-ए-शरिया कोई साधारण संस्था नहीं, बल्कि एक इस्लामी विचारधारा है, जिसके अनुरूप चलने और उससे संबंधित पुस्तकों के अध्ययन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मान-सम्मान पद से नहीं, बल्कि कर्म और जनहितकारी कार्यों से प्राप्त होता है।

डिप्टी अमीर-ए-शरियत मुहम्मद शमशाद रहमानी कासमी ने कहा कि न्याय से जुड़े लोगों पर बड़ी जिम्मेदारी होती है और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
इमारत के नाजिम (सचिव) मुहम्मद सईद-उर-रहमान कासमी ने कहा कि न्यायिक दायित्व निभाने वालों को निरंतर अध्ययन और ज्ञानवर्धन करते रहना चाहिए, विशेषकर पारिवारिक और सामाजिक मामलों में।
काज़ी शरियत मुहम्मद अनजार आलम कासमी ने न्यायिक कार्य को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए कहा कि छोटी-सी चूक भी लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकती है, इसलिए नियमों का पालन और सतर्कता जरूरी है।
सहायक निदेशक मौलाना अबुल कलाम शम्सी ने इमारत-ए-शरिया स्कूल के निर्माण व विकास में न्यायाधीशों की भूमिका को अहम बताया।
बैठक में मुफ्ती मुहम्मद सोहेल अख्तर कासमी, मौलाना मुहम्मद मुजीब-उर-रहमान कासमी दरभंगवी, मौलाना मुफ्ती मुहम्मद सना-उल-हुदा कासमी, मौलाना मुफ्ती मुहम्मद सोहराब नदवी सहित कई विद्वानों ने एजेंडे पर अपने सुझाव रखे। अन्य वक्ताओं ने न्यायिक प्रणाली के विस्तार और मामलों के त्वरित समाधान के उपायों पर प्रकाश डाला।
बैठक में नायब काज़ी मुफ्ती वसी अहमद कासमी, मौलाना अब्दुल्ला अनस, डॉ. सैयद यासिर हबीब, डॉ. सैयद निसार अहमद सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में यह निर्णय लिया गया कि आम लोगों को सरल और सुलभ तरीके से न्याय उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाएगा। बैठक का समापन दुआ के साथ हुआ।
अजीत कुमार की रिपोर्ट
