
खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर गरीब परिवारों से अवैध वसूली किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। एक पीड़ित की शिकायत ने सिर्फ दो लोगों पर आरोप नहीं लगाए, बल्कि पूरे पंचायत में आवास दिलाने के नाम पर गरीबों से पैसे वसूलने के कथित नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खगड़िया के बेलदौर प्रखंड अंतर्गत दिघौन पंचायत के वार्ड संख्या-6 निवासी रविन्द्र कुमार सिंह की पत्नी गौड़ी देवी ने 1 जुलाई 2026 को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) को लिखित शिकायत देकर प्रधानमंत्री आवास योजना में पैसे लेकर लाभ दिलाने का आरोप लगाया है।
शिकायत के अनुसार, वार्ड सदस्य कैलाश सिंह ने वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देकर आठ हजार रुपये लिए थे। आरोप है कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो आवास मिला और न ही पैसे लौटाए गए। पीड़ित का कहना है कि रुपये वापस मांगने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई।
शिकायत में वार्ड की ही एक अन्य महिला लूतन देवी पर भी आवास दिलाने के नाम पर पांच हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया है।
सबसे अहम बात यह है कि आवेदन में दावा किया गया है कि यह मामला सिर्फ एक-दो लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि पंचायत के कई गरीब परिवारों से प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर लाखों रुपये की वसूली की गई है। यदि यह आरोप सही साबित होता है तो यह पूरे पंचायत स्तर पर चल रहे कथित वसूली तंत्र की ओर इशारा करता है।
उधर, उप विकास आयुक्त कार्यालय ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच जिला पंचायती राज पदाधिकारी से कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित वार्ड सदस्य के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी से अवैध वसूली हुई है तो राशि वापस दिलाने की भी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना पूरी तरह निःशुल्क है और लाभार्थियों से किसी भी प्रकार की राशि लेने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो यह न केवल सरकारी योजना में भ्रष्टाचार का मामला होगा, बल्कि गरीबों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ भी माना जाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट सुदर्शन कुमार
