पटना: 22.54 करोड़ रुपये के आर्बिट्रेशन अवार्ड की वसूली को लेकर पटना व्यवहार न्यायालय में निष्पादन प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंच गई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पटना की अदालत में लंबित निष्पादन वाद संख्या 358/2023 में न्यायालय ने रुक्मणी बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों को अवार्ड की राशि जमा करने का अंतिम अवसर दिया है। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर कंपनी की चल एवं अचल संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
न्यायालय का नोटिस गोपालपुर थाना क्षेत्र के एकतापुरम स्थित कंपनी के कार्यालय पर पहुंचने के बाद पूरे इलाके में इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। मामला 11 दिसंबर 2022 को पारित 22.54 करोड़ रुपये के आर्बिट्रेशन अवार्ड से जुड़ा है, जिसमें कंपनी को मूल राशि के साथ नियमानुसार ब्याज का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर राशि जमा नहीं की गई तो न्यायालय विधि सम्मत निष्पादन प्रक्रिया के तहत कंपनी की संपत्तियों को कुर्क कर वसूली की कार्रवाई करेगा। न्यायालयी सूत्रों का कहना है कि इसे निर्णय-ऋणी के लिए अंतिम अवसर माना जा रहा है।
इस बीच, उपलब्ध न्यायालयी और पुलिस अभिलेखों के अनुसार कंपनी के एक निदेशक के खिलाफ विभिन्न न्यायालयों और थाना क्षेत्रों में कई मामले लंबित हैं। एक मामले में मधुबनी पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से उनकी गिरफ्तारी भी की थी। हालांकि, उन मामलों में अंतिम फैसला संबंधित न्यायालयों द्वारा दिया जाना अभी बाकी है।
मामले के डिक्रीधारक एवं भूस्वामी नागेश्वर सिंह स्वराज ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि न्यायालय के आदेश के अनुरूप उन्हें शीघ्र न्याय मिलेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट अजीत कुमार