फुलवारी शरीफ। एम्स के पास करंट लगने से एक लिट्टी-चोखा दुकानदार की दर्दनाक मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रखकर उग्र प्रदर्शन किया और घंटों तक सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
मृतक की पहचान रवि रंजन कुमार (35) के रूप में हुई है, जो धनरूआ का निवासी था और एम्स के पास लिट्टी-चोखा बेचकर परिवार का भरण-पोषण करता था। बताया जाता है कि मंगलवार देर रात दुकान बंद कर घर लौटने के दौरान वह सड़क पर गिरे करंट प्रवाहित बिजली तार की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बिजली का तार टूटकर सड़क पर गिर गया था। तार में करंट प्रवाहित होने के बावजूद न तो उसे हटाया गया और न ही बिजली आपूर्ति बंद की गई। लोगों ने इसे प्रशासन और बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही बताया है।
घटना के बाद जब शव घर पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि रवि ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला था।

बुधवार सुबह गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते सैकड़ों लोग जुट गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। करीब एक से दो घंटे तक सड़क जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप था कि अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद वरीय अधिकारियों के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त कराया गया। अधिकारियों ने मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अजीत कुमार की रिपोर्ट